फिर छा गए बादल ,हवाओं की चाल कब बदल जाए,


दो दिन ठिठुरन, फिर छा गए बादल बस्ती। हवाओं की चाल कब बदल जाए, कहना कठिन है। ऐसी ही हवा बदलने से शनिवार रात मौसम ने रविवार को फिर नया तेवर दिखाया। दो दिन कड़ाके की ठिठुरन के बीच दोपहर के समय धूप होती रही मगर रविवार दोपहर बाद एकाएक पूर्वी हवाओं का दौर शुरू हो गया। शाम होते-होते बादल आसमान में छा गए। 24 घंटे के भीतर न्यूनतम व अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री नीचे गिर गया। रविवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अनुमान है कि आगामी 48 घंटे के भीतर बूंदाबांदी हो सकती है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पूर्व विभागाध्यक्ष व कृषि अधिष्ठाता रहे डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक सोमवार तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था। इसी नाते ठंडी हवाएं पूरब की तरफ आ रही थीं, मगर देर रात हवाओं ने अपनी दिशा बदल दी। पहाड़ों पर हवा का कम दबाव होने से बंगाल की खाड़ी की ओर से नमी लेकर आ रही हवाओं ने अपना दबाव पश्चिम की ओर अधिक बढ़ा दिया। इसलिए बादल उड़ गए और आसमान साफ हो गया। त्रिपाठी के मुताबिक अब आने वाले दो दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। सूर्यदेव ने अपने तेज का एहसास तो कराया, जिससे लगातार दो दिन धूप न पाकर अकुलाए जनमानस को मामूली राहत तो मिली पर ठिठुरन में कोई कमी नहीं देखी गई। उम्मीद नहीं थी कि मौसम खराब होगा, लेकिन दोपहर होते ही बादल छा गए। शाम साढे़ चार बजे तक अच्छी धूप खिली रही। ठंड के मारे घरों में कैद महिलाएं छत या आंगन में धूप सेंकती नजर्र आइं, तो बच्चे पार्क में खेलते दिखे।